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नज़्म कैराना के अनमोल हीरे

लेखकः अब्दुस समी कुरैशी उर्फ गालिब कैरानवी
हिन्दी रूपांतर: उमर कैरानवी

कस्बा यह राजा किरण के नाम से मन्सूब है
नाम कैराना है इसका नाम भी खूब है
एक मुकर्रब खाँ हुये इस शहर में ऐसे अलीम
बादशाही दौर में थे बादशाही वह हकीम
बाद में वह उस हकूमत में रहे बनकर वज़ीर
उनका सानी न था कोई आदमी थे बे नज़ीर
उस हवेली में अभी वह आब तक मौजूद है
है तो बोसीदा मगर तालाब तक मौजूद है
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
इस ज़मीं पर आदमी होते हैं ऐसे बाकमाल
जंगे आज़ादे में जिनकी लोग देते हैं मिसाल
आप बेशक मौलवी थे रहमतुल्लाह नाम था
सबको आज़ादी मिले उनका यही पैगाम था
जब हकूमत ने गिरफ्तारी का आर्डर कर दिया
आपने जाकर मदरसा मक़्क़ा में कायम किया
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
आप दरिया इल्म के थे नाम था उनका वहीद
और तखल्लुस था ज़माँ कुछ भी नहीं इसमें बईद
उनकी मेहनत का नतीजा है जहाँ में यह किताब
अरबी लोगों के लिए जो है मुकम्मल कामयाब
लफ़्ज़ लगता है हर एक जैसे कमल का फूल है
अरबी लोगों में लुगत उनकी बडी मक़बूल है
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
एक अजब फनकार थे कैराना में अब्दुश शकूर
उनको सारंगी बजाने का जहाँ में था शऊर
आपने कुछ इस कला में काम ऐसे हैं किये
फिर हकूमत की तरफ से रूस वह भेजे गये
गज़ चलाने की जो देखी आपके जादूगरी
इस हकूमत ने नवाज़ा फिर पदम देकर श्री
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
वह मुसव्विर है अजब और नाम है उसका जमील
नक़्श देखे जिसने उसके हो गया उसका खलील
वह बशर लन्दन में अपने काम पर मा‘मूर है
अपने फन में सारी दुनिया में बहुत मशहूर है
उनका आलीशान पाकिस्तान में है अपना घर
हाथ में कुदरत ने बख्शा है अजब उनके हुनर
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
इल्म मोसीक़ी में सबसे आगे थे अब्दुल करीम
राग सारे जानते थे राग के थे वह हकीम
हैं बहुत शागिर्द उनके जिनके वह उस्ताद थे
जितने सुर हैं राग के सारे ही उनको याद थे
बुख्ल वह करते नहीं थे देखो अपने काम से
आज ‘‘कैराना घराना’’ है उन्हीं के नाम से
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
सारी दुनिया जानती है नाम उसका है शबाब
नाम कैराना का उसने यॅूँ किया ऊँचा जनाब
वह पडोसी मुल्क को इस शहर की ही देन है
रूह उनकी इस ज़मीं के वास्ते बे चैन है
यूँ जहाँ से उसने अपनी जान पेहचान की
फिल्मी दुनिया में बसे वह जाके पाकिस्तान की
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
इस सियासत में बशर अब एक ऐसा खो गया
सात पहले हैं अजूबे आठवाँ वह हो गया
एम. पी. वालिद है उसका, नाम है अख़्तर हसन
जिसके दम से फूटती है एक सियासत की किरण
नाम है उसका मुनव्वर दिल में ऐसी लगन
उमर में थोडी सी उसने देखे हैं चारों सदन
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
इस तरक़्क़ी पर हुकुम सिंह की हमें भी नाज़ है
उनके अपने काम का सबसे अलग अन्दाज़ है
यू.पी. लेविल के रहे वह ऐसे काबिल मन्त्री
आगे पीछे देखे हमने रहते उनके सन्तरी
शहर का कालिज विजय सिंह उनके दिल का चैन है
हास्पिटल, सब्ज़ी मण्डी यह भी उनकी देन है
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
चेयरमैनी कर गये वह शहर में ऐसी बशीर
नेक दिल इन्सान है वह आदमी है बेनज़ीर
शहर के लोगों में है अपना अलग उसका मुक़ाम
हर बशर को देखते ही पहले करते हैं सलाम
आदमी को इतनी इज़्ज़त यह भी कुदरत की है देन
तीस पैन्तीस साल कस्बे के रहे वह चेयरमैन
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
रज़्मी है उनका तखल्लुस और मुज़फ्फर नाम है
शायरी में दर्स देना उनका पहला काम है
इस अदब की दुनिया में उनकी यही पहचान है
एक लम्हों की खता के नाम से दीवान है
वक़्त के हाकिम ने अपने घर बुलाया आपको
और बडे ऐज़ाज़ से उसने नवाज़ा आपको
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
एक कैराना में कौसर और हैं आली मुकाम
शायरी में पुख्तगी है उनका ऊँचा है कलाम
दिल के जो अरमान थे उनके सभी पूरे हुये
उनके बेरूनी मुमालिक के कई दौरे हुये
सब नसीहत उनकी देखो रहती मेरे याद हंै
शायरी में देखो ‘ग़ालिब’ के वही उस्ताद हैं
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।
अब उमर कैरानवी करता है तुम से यह खिताब
उर्दू, हिन्दी और इंग्लिश में लिखा होगा जनाब
इस जहाँ में हर जगह यह जानकारी देखिये
आप इन्टरनेट पर मेहनत हमारी देखिये
सारी दुनिया को यहाँ से दे रहा हूँ सदा
अब उमर का मुद्दतों में ख्वाब पूरा हो गया
जिसने अपने शहर का रूतबा बढाया खूब है।
नाम से कैराना के वह शख़्सीयत मन्सूब है।

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